श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा उत्तराखंड के चमोली डिस्टिक में स्थित एक ऐसा प्रसिद्ध गुरुद्वारा है जहां पर श्रद्धालु बहुत दूर-दूर से दर्शन करने आते हैंI श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे की कथा गुरु नानक देव जी से जुड़ी हुई है जो इस प्रकार है I
श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे की कथा
एक बार की बात है गुरु नानक देव जी, भाई मरदाना के साथ इस स्थान पर आए थे यहां पर उन्होंने रीठा के पेड़ के नीचे बैठकर भाई मरदाना को एक रीठा तोड़ कर दिया और खाने को कहा हालांकि रीठा बहुत कड़वा होता है लेकिन गुरु नानक देव जी द्वारा तोड़ा गया रीठा बहुत ही मीठा था यह दिव्या लीलाएं देखकर वहां आसपास के साधु भी चकित रह गए I इसी वजह से इस जगह का नाम रीठा साहिब पड़ गया I

श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा की स्थापना
यह गुरुद्वारा लोधिया और रतिया नदियों के तट के किनारे बना हुआ है इसकी स्थापना 1960 में की गई I श्रद्धालु यहां दूर-दूर से बाइक पर भी आ जाते हैं I वैशाखी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रभावी मेले का आयोजन होता है जिसे देखने के लिए बहुत ही अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमर पड़ती है I
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