UCC बिल क्या होता है? उत्तराखंड में क्यों लागू हुआ?

UCC बिल क्या होता है?

उत्तराखंड UCC बिल ( UCC अर्थात समान नागरिक संहिता ) इस बिल के तहत प्रदेश में रहने वाले सभी धर्म, समुदाय के नागरिकों के लिए विवाह, संपत्ति गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही अर्थात समान कानून लागू किया जाता है। हालांकि अनुसूची जनजातियों को इस विधेयक की परिधि से बाहर रखा जाता है। … Read more

घुघुती त्यौहार (Ghughuti Tyohar)

घुघुती त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

उत्तराखंड में मनाया जाने वाला घुघुतिया त्यौहार बहुत ही खास त्यौहारों में से एक है। यह उत्तराखंड के कुमाऊनी क्षेत्र के हर एक घर में मनाया जाता है। इस त्यौहार में घुघुती की माला बनाई जाती है। वैसे तो घुघुती एक पक्षी का नाम है। इस त्यौहार में लोग आता गुथकर घुघुती जैसा चित्रण बनाकर … Read more

आदि बद्री (Adi Badri)

आदि बद्री

आदि बद्री को हेलिसेरा के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में भी जाना जाता है। यहां पर बहुत ही सुंदर परिवेश में स्थापित है और लोहबा से आदि बद्री तक का सड़क बहुत ही सुंदर इलाकों से गुजरती है। जो की मन को मोह लेती है तथा यह जगह देखने लायक है। आदि बद्री के ठीक … Read more

वृद्ध बद्री (Vridh Badri Temple)

वृद्ध बद्री मंदिर उत्तराखंड

उत्तराखंड के पांच बद्री में से एक है वृद्धि बद्री। जो की सुंदर वादियो में स्थित है। वृद्ध बद्री मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यह समुद्र तल से 1380 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर चमोली जिले के जोशीमठ से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जोशीमठ हेलंग के बीच … Read more

भविष्य बद्री (Bhavishya Badri Temple)

भविष्य बद्री

जोशीमठ के पास स्थित भविष्य बद्री है। जिसके लिए कहा जाता है कि भविष्य में इसी मंदिर को बद्रीनाथ मंदिर की तरह पूजा जाएगा। जब भविष्य में बद्रीनाथ मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। तब भगवान विष्णु का निवास स्थान भविष्य बद्री ही होगा। भविष्य बद्री का इतिहास वैसे तो देवभूमि उत्तराखंड में आपको देखने … Read more

हनुमान गढ़ी मंदिर (Hanuman Garhi Mandir)

हनुमान गढ़ी मंदिर नैनीताल

हनुमान गढ़ी मंदिर की दूरी नैनीताल शहर से 3.5 किलोमीटर की है। यह मंदिर बाबा नीम करौली के आदेश अनुसार 1950 में बना था। इसी पहाड़ी की दूसरी तरफ शीतला देवी मंदिर और लीला शाह बापू के आश्रम है। यहां पर टैक्सी ,बस उपलब्ध है। जिसकी सहायता से आप हनुमान गढ़ी मंदिर जा सकते हैं। … Read more

उत्तराखंड में कितने मंडल हैं? (Uttarakhand Ke Mandal)

उत्तराखंड में कितने मंडल हैं?

उत्तराखंड में दो मंडल है एक है कुमाऊं मंडल दूसरा है गढ़वाल मंडल कुमाऊं मंडल में 6 जिले हैं इसी प्रकार गढ़वाल मंडल के अंदर 7 जिलेI जिनका विवरण इस प्रकार है उत्तराखंड के मंडल उत्तराखंड के दोनों मंडल इस प्रकार हैं कुमाऊं मंडल कुमाऊं मंडल में 6 जिले हैं जो इस प्रकार हैं गढ़वाल … Read more

सती कुंड क्यों प्रसिद्ध है? (Sati Kund Kankhal)

सती कुंड

हरिद्वार से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कनखल काफी प्रसिद्ध और पुरानी जगह में से एक है। इस जगह का प्राचीन पौराणिक महत्व काफी महत्व रखता है। यह स्थान मां सती के नाम के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां पर सती कुंड है। यह जगह सतीकुंड के नाम से भी जानी जाती है। सती … Read more

पंच बद्री (Panch Badri Temples)

पंच बद्री कहां स्थित है

पंच बद्री का क्षेत्र केदार खंड के अंदर आता है पौराणिक हिंदू तथा गढ़वाल हिमालय का भूभाग केदार खंड के नाम से जाना जाता था। केदार खंड में सर्वत्र शिव जी का ही आधिपत्य माना गया है। कहते हैं कि जब से विष्णु भगवान का इस क्षेत्र से परार्पण हुआ। तब से इस केदार खंड … Read more

पंच प्रयाग (Panch Prayag of Uttarakhand)

पंच प्रयाग

गढ़वाल मंडल में स्थित बद्रीनाथ मार्ग पर पंच प्रयाग जिसमें विष्णु प्रयाग ,नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग है। केदार खंड के अंदर गढ़वाल भूभाग में पंचबदरी तथा पंच केदार के बाद ही पंच प्रयाग आज भी धर्म एक श्रद्धालुओं के जनमानस के लिए काफी प्रसारित है। महाभारत में देवलोक तथा देवभूमि का क्षेत्र वह जगह … Read more