रुद्रनाथ मंदिर पंच केदार में से एक है उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में रुद्रनाथ एकमात्र ऐसा मंदिर है। जो राजश्री पहाड़ियों के बीच में बसा हुआ है। यही रुद्रप्रयाग में दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है। रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
रुद्रनाथ मंदिर का इतिहास
उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। इस जगह में आपको कई प्रकार के मंदिर देखने को मिलेंगे। यह दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिरों में से एक मंदिर है। यह मंदिर 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। जो की पांच केदारो में से एक माना जाता है। यह लगभग 1000 साल पुराना मंदिर है।

उत्तराखंड में रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव के पंच केदार मंदिरों में से एक मंदिर है। रुद्रनाथ मंदिर काफी प्राचीन मंदिरों में से एक है। जो की रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यहां पर भगवान शिव के मुख की पूजा की जाती है। यह भगवान शिव का मंदिर एक प्राचीन गुफा में बना हुआ है।
भगवान के मुख की पूजा होने के कारण इस मंदिर को रुद्रनाथ मंदिर कहा जाता है। मंदिर चारों तरफ अल्पाइन घास से गिरा हुआ है। यह मंदिर समुद्र तल से 7513 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह पांच केदारो में से सबसे कठिन और लंबी पैदल यात्रा करने वाले मंदिर है।
रुद्रनाथ मंदिर पहुंचने के लिए आपको 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। रुद्रनाथ मंदिर की पूरी यात्रा लगभग 2 दिन में पूरी होती है। कहा जाता है कि रुद्रनाथ टेंपल हिंदू महाकाव्य महाभारत के पांडवों के द्वारा स्थापित किया गया था।
पांडवों ने कुरुक्षेत्र युद्ध में अपने भाइयों कौरवों को मारा था। जिसके उन्हें बिरादरी हत्या और ब्रह्म हत्या के पापों से मुक्त होना था। जिसके लिए वह भगवान शिव को खोजने लगे क्योंकि भगवान शिव उनसे नाराज हो गए थे।
उनके आशीर्वाद लेने के लिए निकल पड़े।इसी खोज में भगवान शिव भैंस से का रूप लेकर भागने लगे। पांडवों ने उन्हें पहचान लिया तो भगवान शिव धरती में समाने लगे तभी भीम ने उनको ऊपर के हिस्से से पकड़ लिया।
आज उस जगह को केदारनाथ के रूप में पूजा जाता है।जहां पर अन्य चार भाग और सामाये वहां पंच केदार बने। उसी में भगवान का मुख्य स्थान पर आया था इसीलिए इस स्थान को रुद्रनाथ मंदिर के नाम से जानते हैं।
रुद्रनाथ मंदिर आने का सही समय
रुद्रनाथ मंदिर अप्रैल से अक्टूबर के महीने में लोगों के दर्शन के लिए खोला जाता है। इसके बाद यह नवंबर में भारी बर्फ गिरने की वजह से बंद कर दिए जाता है। सर्दियों में भगवान शिव की एक प्रतीकात्मक छवि पूजा के लिए रुद्रनाथ से गोपेश्वर के गोपनीय मंदिर में लाई जाती है।
डोली यात्रा गोपेश्वर से सगर शुरू होकर ल्यूटी बुग्याल और अनार को पार करते हुए।अंत में पितृ धार पहुंचती है। यहां पहले मंदिर भी की पूजा की जाती है। स्थाई मान्यता है कि वनदेवी क्षेत्र की रक्षा करती है।
इस स्थान में वनदेवी या वन देवता द्वारा सुरक्षित है। यही नहीं जुलाई अगस्त में पूर्णिमा के दिन एक वार्षिक मेला भी यहां लगाया जाता है। जो रक्षाबंधन के दिन पड़ता है।
रुद्रनाथ मंदिर के आसपास की मूर्तियां
रुद्रनाथ मंदिर मुख्य मंदिर की स्थापना भगवान शिव की मूर्ति के अलावा इस मंदिर के बाहर पांचो पांडव (युधिष्ठिर,भीम ,अर्जुन ,नउकूल, सहदेव उनकी माता कुंती पत्नी, द्रोपती ,वन देवता और वन देवियों जो कि हिमालय की रक्षक भी कहा जाता है ।

मंदिर में कई छोटी-मोटी मूर्तियां भी आपको देखने को मिल जाएगी। मुख्य मंदिर के दाएं और यश देवता का मंदिर भी स्थापित है। यहां के स्थाई लोग इन्हें जाख देवता के नाम से जानते हैं।
रुद्रनाथ मंदिर की विशेषता
- रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
- रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव के मुख की पूजा की जाती है।
- यह मंदिर गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में पहाड़ियों के बीच में स्थित है।
- रुद्रनाथ मंदिर को शिव के पांच केदारो में चौथे केदार माना जाता है।
- पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों के द्वारा किया गया था।
- रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव की बैल रूपी मुख प्रकट हुआ था इसलिए वहां बेलमुखी शिव की पूजा की जाती है।
- रुद्रनाथ मंदिर समुद्र से 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- मंदिर के करीब अन्य छोटे मंदिर हैं। जो पांचो पांडव ,माता कुंती, द्रौपदी ,परियों ,जल देवी देवताओं को समर्पित है।
- यह मंदिर गोपेश्वर केदारनाथ रोड पर है जो की सगर गांव में मंदिर की 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
- इस मंदिर के नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश ,हरिद्वार और देहरादून है।
रूद्रनाथ मंदिर कैसे जाएं
हवाई मार्ग
रुद्रनाथ मंदिर जाने के लिए आपको देहरादून हवाई अड्डे में उतरना होगा।यहां से आप रुद्रनाथ जो कि 229 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से आपको बस करनी होगी।जो की राष्ट्रीय राजमार्ग NH07 से होकर जाता है।
ट्रेन यात्रा
अगर आप रुद्रनाथ मंदिर आना चाहते हैं।तो आपको सबसे निकटी स्टेशन ऋषिकेश में उतरना होगा। इसके बाद आप यहां से टैक्सी या बस कर सकते हैं। यहां से रुद्रनाथ मंदिर की दूरी 215 किलोमीटर की है।
सड़क मार्ग
रुद्रनाथ मंदिर जाने के लिए आपके नजदीकी बस अड्डा ऋषिकेश या हरिद्वार आना होगा। यहां से आप बस ,टैक्स या प्राइवेट कार आसानी से मिल जाएंगे।जिससे आप रुद्रनाथ मंदिर आ सकते हैं क्योंकि यहां से 215 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके लिए आपको राष्ट्रीय राजमार्ग NH07 से होकर जाना होता है।
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