वैसे तो हर जगह रायता काफी बनाया जाता है। हर जगह रायता बनाने की अलग-अलग विधि है। लेकिन पहाड़ का ककड़ी का रायता जितना स्वादिष्ट और लाजवाब होता है। शायद वैसे ही रहता कहीं और आपको खाने को मिले।
ककड़ी का रायता उत्तराखंड
पहाड़ का रायता काफी प्रसिद्ध रहता में से एक है। जो एक बार इस रहते को खाता है वह शायद ही यहां का स्वाद भूल पाए। लोग दूर- दूर से यहां के रायते की रेसिपी जानते आते हैं और रायते की तारीफ करते हैं ।
पहाड़ के रायता की अलग ही बात है। वैसे तो रायता हर अलग-अलग विधियो से बनता है लेकिन इस रायता को बनाने में पहाड़ के कुछ सामग्री का प्रयोग होता है।

जिसके कारण रायते के स्वाद में चार चांद लग जाते हैं। रायता लाजवाब हो जाता है। रायता बनाने के लिए आपको पहाड़ी खीर, दही, हल्दी, नमक, चाट मसाला, राई, धनिया, धनिया पाउडर ,काला नमक, कलर लाने के लिए हर रंग ,भी डाल सकते हैं ,हींग ,लाल मिर्च पाउडर ,हरी मिर्च। रायता बनाने के लिए सबसे पहले आपको खीरे को कद्दूकस कर लेना है। जितना छोटा कद्दूकस में करेंगे उतना ही स्वादिष्ट रहेगा।
इसलिए हो सके तो छोटे कद्दूकस से बारीक कस लें। फिर इसको निचोड़ कर इसे अलग रख दें। इसके बाद जीरे और हींग को तवे में हल्का भूनकर उसे सिलबट्टी की मदद से या फिर चकला बेलन से पीस ले। इसके बाद राई के दाने को मिक्सी में या सिलबट्टे में पीस ले। इसके बाद मिर्च को बारीक काट ले। अब एक बर्तन में दही डालें। उसमें छान हुआ खीर डालें। नमक सभी सामग्री को मिला लें और अच्छे से मिक्स कर ले। आपका टेस्टी स्वादिष्ट रहता तैयार है।

यह भी पढ़ें:
- मसूरी (Mussoorie) KING OF HILLS, जहाँ बादलों के बीच सपने बसते हैं
- सरयू नदी (Importance of Saryu River)
- काली / शारदा नदी (Sarda River)
- रामगंगा नदी (Ramganga River)– पहाड़ों, जंगलों और जीवन का प्राकृतिक संगीत
- पिंडर नदी (Pindar River) – पिंडारी घाटी की शांत और दिव्य हिमालयी धारा
- कोसी नदी (koshi river)
- मंदाकिनी नदी (Mandakini River)– केदारनाथ धाम की शीतल और पवित्र धारा
- धौली गंगा (Dhauliganga River)– हिमालय की गहराइयों से बहती रहस्यमयी शक्ति
- भागीरथी नदी – तप, त्याग और मोक्ष की पवित्र धारा (Bhagirathi River)
- यमुना नदी (Yamuna River) – प्रेम, करुणा और भक्ति की शीतल धारा
- 🌊 गंगा नदी (Ganga River)– आस्था, संस्कृति और जीवन की धारा
- खटीमा(Khatima), उत्तराखंड – तराई की खूबसूरती, संस्कृति और शांति का नगर











