हनुमान धाम रामनगर के अंजील ग्राम छोई मैं स्थित एक ऐसा धाम है जहां पर आपको हनुमान जी के 9 रूपों के साथ-साथ 12 लीलाओं के दर्शन होते हैंI गेरूए रंग से बना मंदिर देखने में ही बहुत सुंदर है।
पूरी दुनिया में रामनगर का हनुमान धाम एक ऐसा धाम है जहां पर हनुमान जी के 9 रूपों के साथ 12 दिलाओ के दर्शन होते हैंI कुल मिलाकर हनुमान जी के 21 रूपों को देखने का सौभाग्य यहीं पर प्राप्त होता हैI
वायु पुराण के अनुसार एक कथा यहां पर बहुत प्रचलित है जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर लंका जा रहे थे तो उन्होंने यहां पर कुछ समय के लिए विश्राम किया था जिस कारण यहां पर हनुमान धाम की स्थापना हुईI इस जगह का नाम भी हनुमान जी की माता के नाम पर रखा गया जो की अंजनीग्राम हैI

श्री हनुमान धाम रामनगर के रास्ते में आपको हनुमान जी की सेना , सेवक कहे जाने वाले बहुत से वानर मिलेंगे आप जब भी जाय तो उनके लिए चने या केले ले कर जाना उससे हनुमान जी प्रसन्न होते है। हनुमान धाम से मुख्य द्वार के पास बनी बहुत सी दुकानें है जहां पर आपको हनुमान जी से संबंधित बहुत चीज मिल जाएगी।
हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाला भोग के रूप में आपको वहा बुदी और लड्डू मिलेंगे। श्री हनुमान धाम में हनुमान जयंती के अवसर में सुंदरकांड किया जाता है जिसमे हजारों भक्त सम्मलित होते है। वैसे तो श्री हनुमान धाम में बहुत श्रद्धालु आते है।
कैसे हुआ श्री हनुमान धाम का निर्माण

श्री हनुमान धाम रामनगर के सस्थापक आचार्य विजय जी बताते हैं। कि हनुमान जी ने स्वप्न में दर्शन दे कर प्रेरित किया की हनुमान धाम बनाना चाहिए आचार्य विजय जी की प्रेरणा से ही हनुमान धाम बनाया गया है। हालाकि हनुमान धाम अभी पूर्ण रूप से नही बना है 2011 से सुरु हुआ निर्माण कार्य अभी जारी है।
आचार्य विजय जी का कहना है की भारत के पांचवे धाम के रूप में स्थित यह हनुमान धाम को दुनिया का सबसे खूबसूरत धाम बनाया जाएगा और इस भव्य धाम में भक्तो का भी विशेस ध्यान रखा जाता है।
जिस तरह हनुमान जी ने सेवा समर्पण और भक्ति से अपने जीवन को समर्पित किया था उसी तरह हनुमान जी के भक्तो ने भी हनुमान धाम के साथ एक दिव्यांगो के लिए आश्रम खोलने का कार्य कर रहे है जिससे की वो भी हनुमान जी के मार्ग में चले और लोगो की सेवा करे।

श्री हनुमान धाम में विराजमान हनुमान जी के नो रूप
- हनुमान जी का दिव्य स्वरूप
- बाल रूप में बजरंगबली माता अंजनी के साथ
- प्रभु राम के चरणों में हनुमान जी का दास स्वरूप
- रामामणि हनुमान जी
- संकीर्तनी हनुमान जी
- हनुमान जी का पंचमुख स्वरूप
- संजीवनी हनुमान जी
- प्रभु राम और लक्ष्मण को कंधों पर उठाए हुए हनुमान जी
- राम सीता हृदय में बसाए हुए हनुमान जी
Hanuman Dham Ramnagar Kaise Pahuche?

रामनगर के अंजनी ग्राम छोई में स्थित है हनुमान धाम। रामनगर रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर की दूरी वह हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी में स्थित है श्री हनुमान जी का धाम ।
देखा गया है की श्रद्धालुओं की संख्या मंगलवार को अधिक होती है। अगर आप हनुमान धाम रामनगर आते हैं तो हनुमान धाम से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी में गिरजा माता का मंदिर स्थित है वहां आप माता के दर्शन कर सकते हैं और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क है आप हनुमान धाम के साथ-साथ इन जगहों पर भी जा सकते हैंI
Hanuman Dham Ramnagar Timings
हनुमान धाम आप रविवार से लेकर शनिवार तक कभी भी जा सकते हैं। कभी भी मंदिर बंद नहीं रहता है। रविवार से शनिवार के दिन मंदिर सुबह 6:00 से शाम के 9:00तक खुलता है। इस समय हनुमान जी की यहां अद्भुत आरती होती है। दोपहर के 1:00 बजे से 2:00 बजे तक विश्राम का समय होता है।
हनुमान धाम में मंगला आरती एवं पुष्पांजलि सुबह 7 बजे होता है। भोग तथा भोग आरती दोपहर 12 बजे होता है। हनुमान चालीसा पाठ, सायंकालीन आरती एवं पुष्पांजलि शाम 7:30 बजे होता है और शयन आरती रात्रि 9 बजे होता है। यह नियम गर्मियों सर्दियों के दिनों में प्रतिदिन लागू किया जाता है।
सर्दियों में हनुमान धाम मंदिर सुबह 5 बजे खुलता है और रात्रि 8 बजे बंद हो जाता है। सर्दियों में भी शयन विश्राम करने का समय दोपहर 1-2 बजे का होता है।
कहा जाता है जब भी आप हनुमान धाम जा रहे हो। तो कुछ भी नॉनवेज खा कर ना जाए। प्याज लहसुन भी ना खाए तो अच्छा है। यह हनुमान जी का काफी प्रसिद्ध मंदिर में से एक है इसलिए यहां पर नॉनवेज प्याज लहसुन जैसे खाना खाकर जाना अनुचित नहीं माना जाता।
हनुमान धाम रामनगर Location
हनुमान धाम रामनगर के पास में स्थित है। जो की रामनगर से 7 किलोमीटर दूरी पर है।
हनुमान धाम आने के लिए आप तीन तरह के रास्तों से आ सकते हैं। जिसमें एक रास्ता हवाई जहाज के द्वारा, दूसरा ट्रेन के द्वारा तथा तीसरा सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं।
हवाई जहाज द्वारा
दिल्ली से पंतनगर के लिए फ्लाइट आसानी से उपलब्ध है। जिसमें आप पंतनगर तक आ सकते हैं। पंतनगर हवाई अड्डा हनुमान धाम के सबसे निकट हवाई अड्डा है।
पंतनगर से हनुमान धाम 72 किलोमीटर दूर है। इसके बाद यहां से आप बस या गाड़ी बुकिंग कर सकते हैं जो आपको रामनगर या हनुमान धाम तक पहुंचा सकती है।
रेल मार्ग द्वारा रामनगर भारत के प्रमुख शहरों के साथ सीधे रेलवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। रामनगर, नैनीताल जिले में आने वाली ट्रेन के अंतिम बिंदुओं में से एक है।
भारत के प्रमुख स्थलों से रामनगर के लिए ट्रेनें अक्सर चलती रहती हैं। यहां से हनुमान धाम 7 किलोमीटर दूर है। आपको हनुमान धाम जाने के लिए ऑटो बुकिंग करनी होगी।
सड़क मार्ग यात्रा
सड़क मार्ग काफी अच्छे रास्तों में से एक है।यहां पर सड़क मजबूती तथा अच्छी तरीके से बनाई गई सड़के हैं। आप बस से सीधा रामनगर आ सकते हैं।कुमाऊं क्षेत्र और गढ़वाल क्षेत्र के प्रमुख शहरों से रामनगर के लिए टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं।
कई निजी बस सेवा प्रदाता दिल्ली से रामनगर के बीच लक्जरी बसें संचालित करते हैं। यहां से रामनगर के लिए बसें आसानी से उपलब्ध हैं। यहां से हनुमान धाम 7 किलोमीटर दूर है। जिसके लिए आपको ऑटो बुक करना होगा।
FAQs
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हनुमान जी का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है?
दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर सबसे बड़ा मंदिर हैI
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हनुमान जी का पुराना नाम क्या है?
हनुमान जी का पुराना नाम मारुति हैI
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