नानतिन बाबा आश्रम ( श्यामखेत)भीमताल: महादेव का प्रसिद्ध मंदिर

नानतिन बाबा आश्रम काफी शांतिपूर्ण आश्रमों में से एक है।जो कि काफी प्रसिद्ध है। यह आश्रम भीमताल से थोड़ी आगे श्यामखेत में स्थित है।यहां पर लोगों की मुरादे भी पूरी होती है तथा यहां लोगों की परेशानी को भी महाराज जी दूर करते हैं।

नानतिन बाबा आश्रम( श्यामखेत) भीमताल

यह बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पर लोग दूर-दूर से आते हैं। भारत के अलग-अलग कोने से यहां लोग आते हैं तथा यहां अपनी परेशानी या महाराज जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

यहां पर महाराज जी भक्तों के परेशानियों को दूर करती है।महाराज जी की खास बात यह है कि महाराज जी जो भी परेशानी होती है।

उसे लिखित में मांगते हैं तथा पर्ची निकालकर भक्तों की परेशानी दूर करती है। आप परेशान हो या किस क्षेत्र में काम करना है या किसी भी तरह से मन में कोई प्रश्न हो तो आप महाराज जी से लिखकर उसका हल खोज सकते हैं।

महाराज जी से पूछना चाहते हैं किस रिश्ते को आपके लिए ठीक है, कौन सा रिश्ता आपके लिए ठीक नहीं हैI इस प्रकार की चीजें भी आप महाराज जी के आश्रम में जान सकते हैं।

यहां खास बात यह है कि यहां पर खाना बनाते समय कोई भी व्यक्ति या स्त्री जींस का पैंट में नहीं होते हैं। आदमी लोग धोती में खाना बनाते हैं तथा औरतें कुर्ती,साड़ी पहनकर खाना बना सकती है।

यहां पेंट और जींस इत्यादि पहनकर आप मंदिर में खाना नहीं बना सकते हैं तथा यहां की एक खास बात यह भी है कि यहां पर जितना भी खाना बनता है। भक्तों के लिए कभी कम नहीं पड़ता चाहे भक्त रात भर आते रहे।

नानतिन बाबा आश्रम कब जाएं?

वैसे तो श्री श्री 1008 नानतिन बाबा आश्रम में आप कभी भी जा सकते हैं लेकिन अगर आप बहुत ही शानदार समय पर जाना चाहते हैं।तो आपको वहां गुरु पूर्णिमा में जाना चाहिए।उस दिन बहुत बड़ा कार्यक्रम किया जाता है तथा श्री श्री 1008 नानतिन बाबा की वहां धूमधाम से पूजा की जाती है।

यहां पर भक्ति गण दूर-दूर से बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। यहां अपनी मुराद भी पूरी करते हैं।दूसरा समय जो बहुत खास है वह है 12 जनवरी। 12 जनवरी को जा सकते है। इस दिन बाबा ने समाधि ली थी।जिस कारण हर वर्ष यहां लोग बहुत ही ज्यादा आते हैं।

नानतिन बाबा आश्रम
नानतिन बाबा आश्रम

इस दिन यहां गुरु पूर्णिमा से भी ज्यादा भीड़ उमड़ती हुई नजर आती है। यहां बाबा की अलग-अलग प्रकार से पूजा की जाती है। यहां पर आपको अलग-अलग प्रकार के शिवलिंग देखने को मिलेंगे। बाबा की समाधि मिलेगी।

जहां पर आपको रुद्राभिषेक करते हुए मिलेंगे जो कि शंकर महाराज जी के द्वारा की जाती है तथा और भक्तगण भी पूजा में शामिल हो सकते हैं। इस दिन लोग यहां अपने बच्चों के साथ आकर बच्चों का जनेऊ भी करते हैं।

यहां मुंडन भी किया जाता है तथा यहां पर हवन जैसे कार्यक्रम भी किए जाते हैं। यहां पर बाबा सबकी मुरादों को पूरा करते हैं तथा भक्तों के दुखों को दूर करते हैं।

नानतिन बाबा आश्रम क्या लेकर जाएं?

नानतिन बाबा आश्रम
नानतिन बाबा आश्रम

श्री श्री 1008 नानतिन बाबा के यहां पर आप फूल फल मिठाई बाबा के लिए फूल माला लेकर जा सकते हैं। अब अपनी श्रद्धा अनुसार जो ले जाना चाहे ले जा सकते हैं।लेकिन अगर आप 12 जनवरी को जा रहे हैं।

तो आपको बाबा के लिए फूल माला ले जा सकते हैं तथा बाबा के लिए अपनी श्रद्धा अनुसार तो लिया उड़ने के लिए शॉल आदि भी ले जा सकते हैं। जो आपकी श्रद्धा और आप ले जा सकते हैं।

अगर आप गुरु पूर्णिमा के दिन जा रहे हैं। तब भी आप बाबा के लिए ओढ़ने के लिए शॉल तो लिया है। आटा,गेहूं, साग,सब्जी,फल,फूल दूध के पैकेट, बाद अपनी श्रद्धा अनुसार देना चाहे दे सकते हैं। लेकिन जो सबसे ज्यादा लोग ले जाना पसंद करते हैं। वह है फूल पर मिठाई।

नानतिन बाबा आश्रम की दिनचर्या

बाबा के आश्रम की शुरुआत इस प्रकार से होती है।जब आप आश्रम पहुंचेंगे तो सबसे पहले आपको महाराज जी के दर्शन करने होंगे।खास बात यह भी है कि महाराज जी आशीर्वाद घुसे के रूप में देते हैं।जब आप महाराज जी के पैर छू लेंगे तो महाराज जी आपको घुसे से आशीर्वाद देंगे।

वहां आपको रहने के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध है।आप वहां कितने भी दिन रह सकते हैं लेकिन यहां आने की अनुमति तो आप अपनी मर्जी से आ सकते हैं लेकिन जाने की अनुमति महाराज जी से ही लेनी पड़ती है।

जहां जाने के लिए भी कभी-कभी महाराजी पर्चियां भी निकालते हैं तथा ऐसा लोगों का मानना है कि अगर महाराज जी के आदेश के बिना लोग जाते हैं तो उन्हें बहुत ही ज्यादा परेशानियां उठानी पड़ती है।

नानतिन बाबा आश्रम
नानतिन बाबा आश्रम

रास्ते में कुछ अनहोनी भी हो सकती है या आप परेशानी से ही घर जा सकते हैं। अगर आप महाराज जी की अनुमति से जा रहे हैं तो आपको कोई भी परेशानी या नहीं होगी। रजाई गद्दे वहां से लेने होते हैं तथा कमरा नंबर मिलता है।

जहां पर रहने की सुविधाएं होती है।आपको वहां रजाई गद्दे बिछाकर आप रह सकते हैं। सुबह के समय नहा धोकर आप पूजा के लिए जाएंगे।वहां पर सभी लोग एक साथ आरतियां गाते हैं।

जिसमें देवी देवताओं की तथा नानतिन महाराज जी की आरती होती है। आरती के बाद महाराज जी के कक्ष में जाना होता है तथा वहां पर जाकर दूध और मिठाई महाराज जी आपको नाश्ते के तौर पर सबको देते हैं।

इसके पश्चात आप अपने कमरे में आ सकते हैं तथा दिन के भोजन के लिए आप रसोई घर में जाकर भोजन बनाने में सहायता कर सकते हैं। लेकिन रसोई घर में जाने के लिए आपको धोती पहनी होगी तथा महिलाओं को कुर्तियां, साड़ी पहनकर ही जा सकती हैं

यहां पर जींस और पेंट पहन कर खाना बनाने की अनुमति नहीं है, इसके बाद आपको शाम को 2:00 बजे के करीब खाना खाने को मिलेगा।इसके बाद आप अपने कमरे में आ सकते हैं तथा शाम होते ही दोबारा आरती के लिए जाना होता हैं।महिलाएं दिन में कीर्तन भी कर सकती हैं।

मंदिर में घूम सकती है। शाम को आरती के बाद महाराज के कक्ष में जाना होते हैं तथा वहां पर ओम नमः शिवाय का जाप होता है। थोड़ी देर के बाद महाराज जी महाभारत या रामायण जैसे हमारे ग्रंथ तथा देवी-देवताओं के बारे में वीडियो दिखाते हैं‌।

जिससे मनोरंजन भी हो सके तथा हम अपने इतिहास के बारे में जान सके। इसके पश्चात लोग अपने प्रश्न इत्यादि महाराज से पूछते हैं वैसे तो सुबह से लेकर शाम तक आप कभी भी महाराज जी के पास बैठ कर अपना प्रश्न पूछ सकते हैं।

महाराज जी के यहां सुबह से लेकर शाम तक भीड़ रहती है। लोगों के प्रश्न पूछने की अगर आप फ्री टाइम पर अपने कमरे में जाने की वजह महाराज जी के पास भी बैठ सकते हैं।

इस प्रकार यहां पूरा दिन बीता है तथा जब आप यहां से जाने को होंगे। तो आपको महाराज जी से अनुमति लेनी होगी।अनुमति के बाद आप अपना सामान पैक कर।अपने रजाई गद्दे जमा कर देने हैं तथा महाराज जी का आशीर्वाद लेकर मंदिर से चले जाना है।

नानतिन बाबा आश्रम कैसे पहुंचे 

नानतिन बाबा आश्रम पहुंचने के लिए यदि आप उत्तराखंड  के बाहर से आ रहे हैं  तो आपको सबसे पहले हल्द्वानी या काठगोदाम आना होगा जिसके लिए आप फ्लाइट या ट्रेन या फिर बस का प्रयोग कर सकते हैंI

यदि आप फ्लाइट से आते हैं तो आपको पंतनगर तक की फ्लाइट मिल जाती है और बस या ट्रेन आपको काठगोदाम तक आसानी से पहुंचा देती हैI जिसके बाद नानतिन बाबा आश्रम से आपके बीच की दूरी मात्र 30 किलोमीटर की रह जाती हैI

यह दूरी आप प्राइवेट टैक्सी से भी कवर कर सकते हैं या फिर आप बस में जाना चाहते हैं तो आपको बस भी यहां मिल जाती हैI  यदि आप बस में जाते हैं तो आपको भीमताल रखी बस लेनी होती हैI उसके बाद शाम खेत के लिए दूसरी बस में बैठना होता हैI वह आपको सीधा आश्रम तक ही छोड़ देती हैI

श्री श्री 1008 नानतिन बाबा

नानतिन बाबा आश्रम के रास्ते में ही आपको रानी बाग मैं माता शीतला देवी का मंदिर भी मिल जाता है यहां पर भी आप दर्शन कर सकते हैं जो कि बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर हैI थोड़ा और आगे जाने पर आपको छोटा कैलाश और कैंची धाम जैसे प्रसिद्ध धाम भी देखने का मौका मिलता है जो आपको बिल्कुल भी नहीं गंवाना चाहिएI

निष्कर्ष

 यदि आप देवी देवताओं में विश्वास रखते हैंI वह यहां पर आपको एक बार अवश्य आकर देखना चाहिए मंदिर आश्रम के अलावा आपको यहां उत्तराखंड की सुंदरता देखने का भी मौका मिलता हैI  आश्रम के अंदर की सकारात्मक ऊर्जा आपके तन मन को स्वच्छ कर देगी हैंI

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2 thoughts on “नानतिन बाबा आश्रम ( श्यामखेत)भीमताल: महादेव का प्रसिद्ध मंदिर”

  1. Kolkata se char aadmi ( senior citizens ) Nantin Baba ki Ashram ghumne aayenge aur ek rat ashram me rukenge 26 April, 2024.

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