पर्वती क्षेत्र में मीठे से लेकर नमकीन विशेष व्यंजन है।जिसमें पल्यो भी आता है। यह विशेष व्यंजन में से एक है।पहाड़ों में ज्यादा ठंड होने के कारण काम करने में दिक्कत आती है। पल्यो ऐसा व्यंजन है। जिसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है और इसे बनाने बहुत आसान भी है।
पल्यो या छछिंड़ा बनाने की विधि
इसे बनाने के लिए आपको झंगोरा अर्थात चावल की एक वैरायटी है। जो कि पहाड़ों में ही उपलब्ध होती है।जो देखने में ब्राउन, गुलाबी या बैगनी रंग के होते हैं।यह खिचड़ी वाले चावलों से मोटे होते हैं।इसकी खीर के साथ-साथ चावल भी बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं। इन्हें पहाड़ी चावल के नाम से भी जाना जाता है।दही या माथा ,तेल ,जीरा ,नमक ,मिर्च, हल्दी, धनिया।

झंगोरा को छानकर पानी में उबाल ले।पानी उबालने के बाद इसमें दही और या माठा जो भी आपके पास उपलब्ध हो उसे मिला दे तथा गाढ़ा होने तक पकाएं। तेल को गर्म कर मसाले डालकर भून तथा उसे इसमें मिक्स कर दी और इसे अच्छे से चलाएं।इसे नीचे से जलने ना दें। जब यह अच्छे से चावल इसके पक जाए।तो आप इसे गरम-गरम परोस सकते हैं। आप चाहे तो इससे और उसमे बाद एक चम्मच घी भी डाल सकते हैं।
इसका स्वादिष्ट 10 गुना और ज्यादा अच्छा हो जाता है। तो यह बहुत ही आसान तरीका है। जिससे जल्दी खाना तैयार हो जाता है और आसानी से सामान भी घर पर उपलब्ध होते हैं। इसे लोहे की कढ़ाई में ही बनाए। लोहे की कढ़ाई में यह बेहद ही स्वादिष्ट बनता है।अगर आपके घर में चूल्हा हो तो आप इसे चूल्हे में बनाएं अर्थात गैस में बना सकते हैं। और अगर आपके पास झंगोरा नहीं है। तो आप इसे सिंपल चावल से भी एक बार बनाकर देख सकते हैं।
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